Thursday, 30 April 2015

अच्छा दोस्त ले भागा है ?

एक अभिनेता अपनी एक परिचित युवती के साथ मेकअप रूम में बैठा बातचीत कर रहा था।
युवती ने बातचीत में पूछा, "तुम्हारी पत्नी का क्या हाल है,
अब वह तुमसे झगड़ा नहीं करती?" "
अब मैं मजे में हूं।"
 अभिनेता ने मुंह पर मुस्कान लाते हुए कहा,
"मेरी पत्नी को मेरा सबसे अच्छा दोस्त ले भागा है।"

एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि पप्पू ...?

एक बार एक एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि
 पप्पू घर के दरवाज़े पर लगी घंटी बजाने कि कोशिश कर रहा होता
परन्तु उसका हाथ घंटी तक नहीं पहुँच पा रहा होता है,
यह देख बुज़ुर्ग आदमी पप्पू के पास गया और उस से पूछा,
"क्या हुआ बेटा?"
पप्पू: कुछ नहीं मुझे यह घंटी बजानी है
पर मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा तो क्या आप मेरे लिए ये घंटी बजा देंगे?
 यह सुन बूढ़ा आदमी तुरंत हाँ कर देता है
और घंटी बजा देता है, और घंटी बजाने के बाद पप्पू से पूछता है,
"और बताओ बेटा क्या मै तुम्हारे लिए कुछ और कर सकता हूँ?"
 यह सुन पप्पू बोला, "हाँ अब मेरे साथ भाग बुढ्ढे वरना तू भी पिटेगा
अगर मकान का मालिक बाहर आ गया तो।"

Tuesday, 28 April 2015

तुझे चाहने के सिवा कोई गुनाह नहीं किया है

"" कोई अच्छा सा बहाना बनाना तुम,
मुझ से खफ़ा होने का....क्यूँकि...तुझे चाहने के सिवा,
 मैने अब तक कोई गुनाह नहीं किया है॥""

वो मुझसे पुछी मेरे बिना कैसे होते हो

वो मुझसे पुछी मेरे बिना कैसे होते हो तुमहारी जिनदगी मैने मुसकुराते हुऐ उसकी आखो को बद करके पूछा अब तुमहे वया दिख रहा है वो बोली अधेरा ही अधेरा दिख रहा हैँ उसने कहाँ मुझे भुल जाओ मैने दिल से निकाल दिया है बस सकुन सा मिल गया ये सुनकर कि कभी तो उसके दिल मे थे तो हम काश तुम मेरे पयार को समझ पाती:

घर के अंदर सिर्फ दिल ले जाओ

घर के बाहर भले ही 
दिमाग ले जाओ क्यो
कि बाहर एक बजार है 
लेकिन घर के अंदर सिर्फ दिल ले जाओ
 क्यो की वहाँ एक परिवार है

हर आदमी हमसे जलने लगा

आज जब शहर का हर आदमी हमसे जलने लगा
 तब हमे पता चला की शहर मै हमारा नाम भी चलने लगा

गुलाम हूँ अपने घर के संस्कारो के वरना… ?

गुलाम हूँ अपने घर के संस्कारो का… वरना…
लोगो को उनकी औकात दिखाने का हुनर आज भी रखती हूँ……
हमारी तो यही पहचान हैं.
 हँसता चेहरा शराबी आँखे
नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान..

बारिश हुई फिर ओले आये

पहले बारिश हुई
फिर ओले आये
डोली धरती
 घर सब नीचे आये
ये GOD तू क्या कर रहा है
हम सब के साथ ये रोक ले
 सब प्रभू भोले जब लोगो के
पेट मे भोजन न आये
 नेपाली लोगोँ ने तो सर फोडे
जब भोजन दिखा
ये GOD तू क्या कर रहा है
अब तो मासूमो
बच्चो की आखोँ मे तो आसू
आये प्रर्थना की यही है
की अब कभी ये दिन
किसी देश को देखने न आये .

अब जाग जा इन्सान

नेपाल हिला भारत हिला और हिला गया पाकिस्तान
 न मसीह आए न अल्लाह आये कहाँ गये भगवान है
 कौन हिन्दू है कौन ईसाइ और कौन है मुस्लमान
 प्रकृति के आगे बेबस है हर इन्सान
 है सब समान उनकी नजरोँ
मे वहाँ नही चलता बाइबल वेद और
कुरान मत उलझ इस पाखण्ड मे
 अब जाग जा इन्सान

बंदे मे दम होना चाहिए

 लोग कहते है
 सहेली और हवेली आसानी से नही बनते
 हम कहते है बंदे मे दम होना चाहिए
 सहेली फोन पे
 हवेली लोन पे बन ही जाती है

Thursday, 23 April 2015

स्वतंत्रता और उसका उपभोग

उनके पास व्यावसायिक क्षमता है वित्तीय स्वतंत्रता और उसका उपभोग करने का हुनर है .
 मस्ती है उत्साह है उमंग है जोश है तो होश भी है .
 सूचना और तकनीकि के इस ज़माने में कदम से कदम मिलाते ये युवा जिन्दगी के मायने भी जानते है और रिश्तो के अर्थ भी.
रिश्तों को निभाने का हुनर कोई इनसे सीखे.
सहज , सजगता और मस्ती को एक साथ साध कर इन्होंने जिन्दगी को खोज ही लिया है .
 युवा तुम जिन्दगी हो , जिन्दगी तुमसे जीना सीखना है

चाणक्य नीति Chankya Niti in Hindi

चाणक्य अपनी नीति शास्त्र के लिए जाने जाते थे | दूर दूर तक विदेशों में लोग उनकी नीतियों का लोहा मानते थे| यही सुनकर एक बार एक बार एक चीनी दर्शनिक चाणक्य से मिलने भारत आया| जब वह चाणक्य के घर उनसे मिलने पहुँचा तो उसने देखा की चाणक्य एक ग्रंथ लिखने में व्यस्त थे| उन दिनों बिजली या बल्व नहीं हुआ करते थे| चाणक्य ने तेल भारी डिबिया जला रखी थी और उसी की धीमी रोशनी में वो लिखने में व्यस्त थे |
 चाणक्य ने जैसे ही आगंतुक को देखा| उन्होने जल्दी से अपना कार्य समाप्त किया और जो लेम्प अभी जल रही थी उसे बंद कर दी और एक नई लेम्प जला दी| दार्शनिक ने सोचा कि ये भारतीय लोगों का आगंतुक का सम्मान करने का कोई रिवाज़ होता होगा| उसने जिग्यसावश चाणक्य से पूछा की आप ने जलती लेम्प को बंद क्यूँ किया और फिर से नई लेम्प जलाने के पीछे क्या कारण है? क्या यह आपके धर्म में कोई रिवाज़ हैं? चाणक्य ने हस्ते हुए जवाब दिया नहीं श्रीमान यह कोई रिवाज़ या धर्म का हिस्सा नहीं था |

चाणक्य ने कहा कि मैं एक ग्रंथ का स्रजन कर रहा था और उस डिबिया के तेल का जो पैसा है वो मुझे राजकोष से मिला है लेकिन जब मैने लिखने का कार्य समाप्त किया तो उस डिबिया का जलना मेरे देश की संपत्ति का नाश है जो मैं नहीं सह सकता और जो दूसरी डिबिया में जो तेल है वो मेरी खुद की कमाई से खरीदा है| मैं अपने स्वम के कार्य के लिए देश की संपत्ति का हनन नहीं कर सकता|

इतना सुनकर चीनी दार्शनिक चाणक्य के आगे नतमस्तक हो गया कि धन्य है ये देश भारत जहाँ इतनी महान सोच वाले व्यक्ति रहते है| इसीलिए भारत को जगद गुरु कहने में कोई दोराय नहीं है|

अच्छे संस्कार और शिष्टाचार का महत्व

टीचर क्लास में बच्चों को पढ़ा रहे थे कि अच्छे संस्कार और शिष्टाचार का जीवन में क्या महत्व है? उदाहरण के लिए उन्होंने एक शीशे का जार लिया और उसमे कुछ गेंद डालने लगे, धीरे धीरे जार पूरा भर गया| उसके बाद उन्होनें कुछ कंकड़ मंगाए और उन्हें भी जार में डालना शुरू कर दिया| जार में जहाँ थोड़ी जगह बाकी थी वहाँ सब कंकड़ भी भर गये|

इसके बाद उन्होनें जार में रेत डालना शुरू किया, तो रेत भी जार में समाने लगी अब धीरे धीरे जार पूरा भर गया| फिर अध्यापक ने पानी मँगाया और जार में पानी डालने लगे देखा कि पानी भी जार में रेत और कंकड़ों के बीच समाने लगा|

बच्चे ये सब बहुत ध्यान से देख रहे थे लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था तब टीचर ने समझाया कि इंसान भी इसी जार की तरह है इसमे काफ़ी चीज़ें आ सकती हैं अब ये तुम पे निर्भर है कि तुम क्या लेना चाहते हो? सोचो अगर जार में सबसे पहले रेत डाल दी जाती तो क्या गेंद उसमें कभी समा पातीं? कभी नहीं| उसी तरह बच्चों को सबसे पहले शिष्टाचार और संस्कार सीखना चाहिए, बाकी दुनियाँ के काम के लिए तो पूरा जीवन पड़ा हुआ है|

अक्सर हम देखते हैं की लोग सीधे बस अच्छी नौकरी या पैसे की बात करते हैं लेकिन माता पिता को चाहिए की सबसे पहले गेंद रूपी ज्ञान बच्चों को दें| उसके बाद धीरे धीरे क्रमानुसार जीवन का तरीका सिखाएं क्यूंकी अगर बच्चों के दिमाग़ में शुरू से ही अवसाद रूपी रेत ने घर कर लिया तो फिर सारा जीवन अच्छे विचारों के लिए जगह नहीं बचेगी|

मनुष्य अपने भाग्य का स्वयं निर्माता है

एक बार एक अध्यापक कक्षा में सभी छात्रों को समझा रहे थे कि इंसान का भाग्य स्वयं इंसान के हाथ में होता है आप जैसे विचार रखोगे या जैसे कर्म करोगे आप वैसे ही बन जाओगे| ये जो प्रकर्ति है ये सभी को समान अवसर देती हैं लेकिन ये आप पर निर्भर है की आप अपने अवसर को कैसे इस्तेमाल करते हैं|

 उदाहरण के लिए अध्यापक ने तीन कटोरे लिए और एक में आलू, दूसरे में अंडा और तीसरे में चाय की पत्ती डाल दी| अब तीनों कटोरों में पानी डालकर उनको गैस पर उबलने के लिए रख दिया| छात्र ये सब आश्चर्यपूर्वक देख रहे थे लेकिन उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था| बीस मिनट बाद जब तीनों बर्तन में उबाल आने लगा तो अध्यापक ने सभी कटोरों को नीचे उतरा और आलू, अंडा और चाय को बाहर निकाला| अब सभी छात्रों से तीनों को गौर से देखने के लिए कहा गया| लेकिन कोई भी छात्र मज़ारे को समझ नहीं पा रहा था|

अंत में गुरु जी ने एक बच्चे से तीनों(आलू, अंडा और चाय) को स्पर्श करने के लिए बोला| जब छात्र ने आलू को हाथ लगाया तो पाया कि जो आलू पहले काफ़ी कठोर था लेकिन पानी में उबलने के बाद काफ़ी मुलायम हो गया है| अब अंडे को उठाया तो देखा जो अंडा पहले बहुत नाज़ुक था अब कठोर हो गया है| अब चाय के कप को उठाया तो देखा चाय की पत्ती ने गर्म पानी के साथ मिलकर अपना रूप बदल लिया था और अब वह चाय बन चुकी थी|

गुरु जी ने समझाया, हमने तीन अलग अलग चीज़ों को समान विपत्ति से गुज़रा अर्थात तीनों को समान रूप से पानी में उबाला लेकिन बाहर आने पर तीनों चीज़ें एक जैसी नहीं मिली| आलू जो कठोर था वो मुलायम हो गया, अंडा पहले से कठोर हो गया और चाय की पत्ती ने भी अपना रूप बदल लिया उसी तरह यही बात इंसानों पर भी लागू होती है| एक इंसान विपत्ति में अपना धैर्य खो देता है और वहीं दूसरा बुद्धिमान इंसान विपत्ति का सामना कटे हुए अपने लक्ष्य को साकार करता है|

 तो मित्रों, भगवान सभी को समान अवसर और विपत्ति प्रदान करते हैं लेकिन ये पूरी तरह आप पर निर्भर है की आप कैसा बनाना चाहते हैं और किस तरह आप अपने जीवन को ढालते हैं|

hindi आवश्यकता ही आविष्कार की कुंजी है ?



आवश्यकता ही आविष्कार की कुंजी है, ये कथन जापान के 22 वर्षीय नवयुवक सोइचिरो होंडा पर सटीक बैठती है|

Automobile में इंजिनियरिंग करने के बाद वह नौकरी की तलाश कर रहे थे पर भाग्य कहीं भी साथ नहीं दे रहा था और एक छोटी सी नौकरी के लिए उन्हें दर दर भटकना पड़ रहा था| परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और पूरा भार उन्हीं के कंधों पर था| बहुत सारी कंपनियों ने उन्हें रिजेक्ट किया जिनमें से “Toyota Motor” भी एक थी|

 बहुत संघर्ष के बाद एक मोटर मेकॅनिक की जॉब मिली लेकिन जीवन चलाने के लिए उनकी salary बहुत कम थी| 1928 में उन्होनें मोटर पार्ट्स की एक छोटी सी अपनी शॉप खोली| लेकिन बिजनिस में ज़्यादा पैसा ना लगा पाने के कारण उनका ये धंधा भी फ्लाप हो गया| अब उनके पास कोई option नहीं बचा था, लेकिन SOICHIRO HONDA ने हिम्मत नहीं हारी और एक बार फिर से एक मोटर पार्ट manufacturing का बिजनिस शुरू किया जिसमें वो खुद ऑटो पार्ट बनाकर मार्केट में कोम्पनियों को बेचते थे| कुछ दिन बाद जब काम अच्छा चलने लगा तो टोयोटा(TOYOTA) जैसी बड़ी कोम्पनियों को भी ये पार्ट्स सप्लाइ करने लगे| बाद में उन्होनें स्कूटर और बाइक की manufacturing भी घर पर ही स्टार्ट कर दी|
और बहुत जल्द 1948, में होंडा मोटर कॉर्पोरेशन(HONDA MOTOR CORPORATION) नाम से एक ऑर्गनाइज़ेशन स्थापित किया जहाँ ये खुद की कार मॅन्यूफॅक्चर करते थे| अपनी मेहनत और लगन से 1960 में सोइचिरो होंडा के होंडा ऑर्गनाइज़ेशन ने टोयोटा जैसी बड़ी ब्रांड को पछाड़ कर दिया जिसने शुरुआती दिनो में नौकरी से रिजेक्ट कर दिया था| 1960 मे USA मार्केट में होंडा के शेयर टोयोटा के शेयर से ज़्यादा थे, और आज होंडा मोटर कॉर्पोरेशन किसी परिचय की मोहताज़ नहीं है|

मित्रों इस कहानी से यही सीख मिलती है कि कैसे एक बेरोज़गार इंसान दुनियाँ में इतनी बड़ी पहचान बना गया| किसी ने सही कहा की “प्रतिभा किसी चीज़ की मोहताज़ नहीं होती” और यही सच कर दिखाया |

एक नन्हीं चिड़िया

बहुत समय पुरानी बात है, एक बहुत घना जंगल हुआ करता था| एक बार किन्हीं कारणों से पूरे जंगल में भीषण आग लग गयी| सभी जानवर देख के डर रहे थे की अब क्या होगा??

थोड़ी ही देर में जंगल में भगदड़ मच गयी सभी जानवर इधर से उधर भाग रहे थे पूरा जंगल अपनी अपनी जान बचाने में लगा हुआ था| उस जंगल में एक नन्हीं चिड़िया रहा करती थी उसने देखा क़ि सभी लोग भयभीत हैं जंगल में आग लगी है मुझे लोगों की मदद करनी चाहिए| यही सोचकर वह जल्दी ही पास की नदी में गयी और चोच में पानी भरकर लाई और आग में डालने लगी| वह बार बार नदी में जाती और चोच में पानी डालती| पास से ही एक उल्लू गुजर रहा था उसने चिड़िया की इस हरकत को देखा और मन ही मन सोचने लगा बोला क़ि ये चिड़िया कितनी मूर्ख है इतनी भीषण आग को ये चोंच में पानी भरकर कैसे बुझा सकती है|

यही सोचकर वह चिड़िया के पास गया और बोला कि तुम मूर्ख हो इस तरह से आग नहीं बुझाई जा सकती है|

चिड़िया ने बहुत विनम्रता के साथ उत्तर दिया-”मुझे पता है कि मेरे इस प्रयास से कुछ नहीं होगा लेकिन मुझे अपनी तरफ से best करना है, आग कितनी भी भयंकर हो लेकिन मैं अपना प्रयास नहीं छोड़ूँगी”

 उल्लू यह सुनकर बहुत प्रभावित हुआ|

 तो मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है| जब कोई परेशानी आती है तो इंसान घबराकर हार मान लेता है लेकिन हमें बिना डरे प्रयास करते रहना चाहिए यही इस कहानी की शिक्षा है

हों कैसे सफल

एक गाँव में एक गरीब लड़का रहता था जिसका नाम मोहन था । मोहन बहुत मेहनती था लेकिन थोड़ा कम पढ़ा लिखा होने की वजह से उसे नौकरी नहीं मिल पा रही थी । ऐसे ही एक दिन भटकता भटकता एक लकड़ी के व्यापारी के पास पहुँचा । उस व्यापारी ने लड़के की दशा देखकर उसे जंगल से पेड़ कटाने का काम दिया ।

नयी नौकरी से मोहन बहुत उत्साहित था , वह जंगल गया और पहले ही दिन 18 पेड़ काट डाले। व्यापारी ने भी मोहन को शाबाशी दी , शाबाशी सुनकर मोहन और गदगद हो गया और अगले दिन और ज्यादा मेहनत से काम किया । लेकिन ये क्या ? वह केवल 15 पेड़ ही काट पाया । व्यापारी ने कहा – कोई बात नहीं मेहनत करते रहो ।

तीसरे दिन उसने और ज्यादा जोर लगाया लेकिन केवल 10 पेड़ ही ला सका । अब मोहन बड़ा दुखी हुआ लेकिन वह खुद नहीं समझ पा रहा था क्युकी वह रोज पहले से ज्यादा काम करता लेकिन पेड़ कम काट पाता । हारकर उसने व्यापारी से ही पूछा – मैं सारे दिन मेहनत से काम करता हूँ लेकिन फिर भी क्यों पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है । व्यापारी ने पूछा – तुमने अपनी कुल्हाड़ी को धार कब लगायी थी । मोहन बोला – धार ? मेरे पास तो धार लगाने का समय ही नहीं बचता मैं तो सारे दिन पेड़ कटाने में व्यस्त रहता हूँ । व्यापारी – बस इसीलिए तुम्हारी पेड़ों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है । 

मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है , हम रोज सुबह नौकरी पेशा करने जाते हैं , खूब काम करते हैं पर हम अपनी कुल्हाड़ी रूपी Skills को Improve नहीं करते हैं । हम जिंदगी जीने में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि अपने शरीर को भी कुल्हाड़ी की तरह धार नहीं दे पाते और फलस्वरूप हम दुखी रहते हैं । मित्रों कठिन परिश्रम करना कोई बुरी बात नहीं है पर Smart Work , Hard Work से ज्यादा अच्छा होता है

Tuesday, 21 April 2015

चंचल खुशनुमा होती है बेटिया

बहुत "चंचल" बहुत"खुशनुमा " सी होती है
"बेटिया". "नाज़ुक" सा "दिल" रखती है
"मासूम" सी होती है "बेटिया".
"बात" बात पर रोती है"नादान" सी होती है
 "बेटिया". "रेहमत" से "भरपूर""खुदा" की "लाड़ली " है "बेटिया".
 "घर" महक उठता हैजब "मुस्कराती" हैं "बेटिया".
 "अजीब" सी "तकलीफ" होती है जब "दूसरे"
  घर जाती है "बेटियां". "घर"
लगता है सूना सूना "कितना"
 रुला के "जाती" है "बेटियां"
"ख़ुशी" की "झलक""बाबुल" की "लाड़ली" होती है
 "बेटियां" ये "हम" नहीं "कहते"यह तो "रब " कहता है. .
 क़े जब मैं बहुत खुश होता हु तो "जनम" लेती है"प्यारी सी बेटियां

वाइफ रोमांटिक मूड में थी

संता की वाइफ रोमांटिक मूड में थी ,,,
पूरे बेड पे बाहें फैलाये लेट गयी,,
और मुस्कुराती हुई संता से बोली – “कुछ समझे “??
संता – समझ गया ,, . . . आज तू पूरे बेड पे सोना चाहती है ना डायन

बैंक में चोरी

संता और बंता रात को बैंक में चोरी करने घुस गए और अँधेरे में बैंक में दो भारी थैले मिले ,,
उसे उठा लाये और एक एक थैला आपस में बाँट लिया और अपने अपने घर चले गए ,,
चोरी के एक महीने बाद दोनों मिले ,,
संता – तुम्हारे थैले में क्या मिला ?
बंता – 10 लाख ,, संता – वाह क्या बात है ,
फिर तुमने क्या किया उसका ??
बंता – एक घर खरीद लिया और एक नयी कार ले ली ,
तुम्हारे थैले में क्या मिला ? संता- कुछ नहीं यार ,
बिल ही बिल थे ,,
बंता – फिर तुमने उनका क्या किया ??
संता – करना क्या था , ढेर सारे हैं धीरे धीरे चुका रहा हूँ

क्या आपको पता है ? यह कुछ रोचक जानकारी


1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है l
2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती है l
3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती l
4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता l
5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता l
6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते है l
7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है l
8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागत l
9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है l                                                  10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते है l
11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो l
12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है l
13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं l
14. खुश रहने वालों की बजाए परेशान रहने वाले लोग ज्यादा पैसे खर्च करते हैं l
15. माँ अपने बच्चे के भार का तकरीबन सही अदांजा लगा सकती है जबकि बाप उसकी लम्बाई का l
16. पढना और सपने लेना हमारे दिमाग के अलग-अलग भागों की क्रिया है इसी लिए हम सपने में पढ नही पाते l
17. अगर एक चींटी का आकार एक आदमी के बराबर हो तो वो कार से दुगुनी तेजी से दौडेगी l
18. आप सोचना बंद नही कर सकते l
19. चींटीयाँ कभी नही सोती l
20. हाथी ही एक एसा जानवर है जो कूद नही सकता l
21. जीभ हमारे शरीर की सबसे मजबूत मासपेशी है l
22. नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर अपना बायां पाँव पहलेरखा था उस समय उसका दिल 1 मिनट में 156 बार धडक रहा था l
23. पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के कारण पर्वतों का 15,000मीटर से ऊँचा होना संभव नही है l
23. शहद हजारों सालों तक खराब नही होता l
24. समुंद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है l
25. कुछ कीडे भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते है l
26. छींकते वक्त दिल की धडकन 1 मिली सेकेंड के लिए रूक जाती है l
27. लगातार 11 दिन से अधिक जागना असंभव है l
28. हमारे शरीर में इतना लोहा होता है कि उससे 1 इंच लंबी कील बनाई जा सकती है l
29. बिल गेट्स 1 सेकेंड में करीब 12,000 रूपए कमाते हैं l
30. आप को कभी भी ये याद नही रहेगा कि आपका सपना कहां से शुरू हुआ था l
31. हर सेकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है l
32. कंगारू उल्टा नही चल सकते l
33. इंटरनेट पर 80% ट्रैफिक सर्च इंजन से आती है l
34. एक गिलहरी की उमर,, 9 साल होती है l
35. हमारे हर रोज 200 बाल झडते हैं l
36. हमारा बांया पांव हमारे दांये पांव से बडा होता हैं l
37. गिलहरी का एक दांत  हमेशा बढता रहता है l
38. दुनिया के 100 सबसे अमीर आदमी एक साल में इतना कमा लेते हैं जिससे दुनिया
की गरीबी 4 बार खत्म की जा सकती है l
39. एक शुतुरमुर्ग की आँखे उसके दिमाग से बडी होती है l
40. चमगादड गुफा से निकलकर हमेशा बांई तरफ मुडती है l
41. ऊँट के दूध की दही नही बन सकता l
42. एक काॅकरोच सिर कटने के बाद भी कई दिन तक जिवित रह सकता है l
43. कोका कोला का असली रंग हरा था l
44. लाइटर का अविष्कार माचिस से पहले हुआ था l
45. रूपए कागज से नहीं बल्कि कपास से बनते है l
46. स्त्रियों की कमीज के बटन बाईं तरफ जबकि पुरूषों की कमीजके बटन दाईं तरफ होते है l
47. मनुष्य के दिमाग में 80% पानी होता है. l
48. मनुष्य का खून 21 दिन तक स्टोर किया जा सकता है l
49. फिंगर प्रिंट की तरह मनुष्य की जीभ के निशान भी अलग-अलग होते है l 

शिव और शक्ति का संतुलन

मैं खोद रही हूँ इतिहास को 
और खोज रही हूँ खूद को
तलाशती हूँ ग्रंथो में 
रोकती हूँ रस्ता 
सृष्टि का 
पूछती हूँ उनसे मैं कहाँ हूँ? 
मैं दफन हूँ शायद 
 धर्म ग्रंथो में 
कि नीव में सदियों से दे रही सहारा इन्हें
 प्रेरणा देती मैं 
खड़ी रही हमेशा
 कभी भारती, कभी विद्दोतमा तो कभी रत्नावली बन 
बनाती रही नए नए मार्ग 
करती रही उन्हें प्रकाशित तुम्हारे लिए
 लेकिन तुम ने मेरा मार्ग कभी प्रकाशित किया क्या ? 
शायद मैंने कोई धर्म ग्रन्थ नहीं लिखा 
न सही 
पर आज मैं तुमसे और सारे 
ब्रहमांड से कहती हूँ 
अगर हमें लिखने दिया होता 
धर्म ग्रन्थ तो आज
 सारी दुनिया में होता प्रेम 
न बंटे होते लोग न होता ग्रंथो और जमीन का बंटवारा 
और मै, 
न होती इतनी त्याज्य 
 बदल देती 
स्त्री पुरुष के ऊँच नीच को 
स्थापित करती समाज में
 शिव और शक्ति के संतुलन को...



गज़लों में भीगा हुआ जंगल

कहो मौसम उमीदों का कहो ग़मगीन हो जाऊं
कहो शफ्फ़ाक सी रंगत कहो रंगीन हो जाऊं
 मैं लिख देती हूँ गज़लों में तुम्हें भीगा हुआ जंगल
अगर कह दो तुम्हारे वास्ते परवीन हो जाऊं

भारत देश

तुम एक देश नहीं, भारत !
 तुम सृष्टि हो
तुम हिमालय हो
 सम्पूर्ण पुरुष हो
या सम्पूर्ण स्त्री के अवतार ।
 तुम ब्रह्मविद्या हो
 शिव हो
आदिशक्ति हो
 तुम नारियों के स्रोत हो सन्दर्भ हो ।
तुम अज्ञात हो
 तुम ओम हो
तुम मौन हो तु
म शून्य हो
इसलिए ही तुम सम्पूर्ण हो ।
हिन्द हमें गर्व है हम तुम में हैं और तुम हम में ।

तुलसी चौरा संग प्रभाती

आओ घर में आँगन बोयें
और बोयें इक चाँद
तुलसी चौरा संग प्रभाती
 दीप जले हर साँझ
बिंदी कुमकुम चूड़ी पायल
जीवन हो संगीत
अम्मा बाबा से मिल जाये
आँचल भर आशीष
ड्योढ़ी पर की नीम
 ठाँव फिर हो जाये
चलो कि एक बार साथी
हम फिर गाँव हो जायें

हवाएँ बदली मौसम बहका-बहका है

हवाएँ बदली-बदली हैं ये मौसम बहका-बहका है । 
मैंने सिर्फ़ मुहब्बत की तो फिर ये जादू कैसा है ।। 
नज़्मों के बादल घिरे थे कुछ ग़ज़लें भी बरसी थीं, 
मेरी कच्ची धरती से उठी भाप में चन्दन महका है । 
उस रात चाँद से तुमने क्या कह दिया बता देना, 
आजकल मुझसे जाने क्यूँ वो उखड़ा-उखड़ा रहता है ।
 तुम्हे जब याद करती हूँ तो होंठ मुस्काने लगते हैं, 
ये दुनिया वाले कहते हैं मुझे शायद कुछ हुआ-सा है ।।

दोस्तों के नाम


चार लाइन दोस्तों के नाम- काश फिर मिलने की वजह मिल जाए साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए, चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें, क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए.. मौसम को जो महका दे उसे 'इत्र' कहते हैं जीवन को जो महका दे उसे ही 'मित्र' कहते है l क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त क्यूँ गम को बाँट लेते हैं दोस्त न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त......