वो मुझसे पुछी मेरे बिना कैसे होते हो
तुमहारी जिनदगी मैने मुसकुराते हुऐ
उसकी आखो को बद करके पूछा
अब तुमहे वया दिख रहा है
वो बोली अधेरा ही अधेरा दिख रहा हैँ
उसने कहाँ मुझे भुल जाओ
मैने दिल से निकाल दिया है
बस सकुन सा मिल गया
ये सुनकर कि कभी तो उसके दिल मे थे
तो हम काश तुम मेरे पयार को समझ पाती:
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