Tuesday, 28 April 2015

वो मुझसे पुछी मेरे बिना कैसे होते हो

वो मुझसे पुछी मेरे बिना कैसे होते हो तुमहारी जिनदगी मैने मुसकुराते हुऐ उसकी आखो को बद करके पूछा अब तुमहे वया दिख रहा है वो बोली अधेरा ही अधेरा दिख रहा हैँ उसने कहाँ मुझे भुल जाओ मैने दिल से निकाल दिया है बस सकुन सा मिल गया ये सुनकर कि कभी तो उसके दिल मे थे तो हम काश तुम मेरे पयार को समझ पाती:

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