Wednesday, 17 June 2015

सभी साड़ियां तो मोहल्ले वालों ने देख ली हैं |

अंजलि - सुनिए जी, मुझे एक नई साड़ी दिला दीजिए न प्लीज |
अनिल - लेकिन तुम्हारी अलमारी तो साड़ियों से भरी पड़ी हैं, फिर नई क्यों ?
अंजलि - वे सभी साड़ियां तो मोहल्ले वालों ने देख ली हैं |
अनिल - हम साड़ी क्यों खरीदें, मोहल्ला ही बदल लेते हैं |

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