Monday, 8 June 2015

सारे लड़के उसके पीछे पहले दिन से ही पागल थे

मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैं अपनी गर्ल फ्रेंड को अभी भी याद करता हूँ और हर पल ये कह के याद करता हूँ कि आई स्टिल मिस यू .
मेरी सैड स्टोरी स्टार्ट होती है ऑगस्ट 2004 मे. मैं उस टाइम 9 मे पढ़ता था और 1 नॅशनल लेवेल एथलीट था. उस साल हमारे स्कूल मे बहुत सारे एडमिशन हुए जिनमे से 1 लड़की का नाम था सुनीता जो हमारे स्कूल की सबसे खूबसूरत लड़की थी. सारे लड़के उसके पीछे पहले दिन से ही पागल थे. पूरे स्कूल मे उसकी चर्चा होने लगी, तब तक मैने उसे सिर्फ़ 1 या 2 बार देखा था. ज्ब मैने उसे अगली बार देखा तो अपने दोस्तो से ब्स ऐसे ही मज़ाक मे कहा कि भाई बहुत मस्त है यार पट जाए तो लाइफ बन जाए . उसके बाद मैने कोई ध्यान नई दिया पर मेरे दोस्तो ने उस बात को काफ़ी सीरियस्ली ले लिया और सुनीता तक ये बात पहुच गई उसके कुछ दिनों बाद मेरे 1 दोस्त ने आ कर मुझसे कहा कि सुनीता तुम्हे बुला रही है.
1 सेकेंड के लिए मैं शॉक्ड हो गया और डर गया कि यार मैने तो कुछ किया भी नई फिर क्यू बुला रही है. तब मैं उससे मिलने गया लाइब्ररी मे वहां उसकी फ्रेंड्स और वो खड़ी थी.उनलोगो ने मुझे बताया कि वो मुझे लाइक करती है बट बोलने से डर रही है क्यूंकी मैं थोड़ा राउडी टाइप था. 1 सेकेंड के लिए मैं बिल्कुल शॉक्ड हो गया उसके बाद मैं वहां से चला गया. मैने उसकी 1 फ्रेंड से उसका नंबर लिया और शाम को घर पहुच क उसको कॉल किया. तब जा के पहली बार मेरी उस से बात हुई. दोनो बहुत घबराए हुए थे क्योंकि पहली बार एक दूसरे से बात कर रहे थे. उसके नेक्स्ट दिन ही मुझे ईस्ट ज़ोन का गेम खेलने कोलकाता जाना था. तो मैने सुबह उस से मिलने का प्लान किया उसे 6 बजे उसके बस स्टॉप पे उसका वेट करने लगा. कुछ देर क बाद वो आई तब उस से मिल क मैं कहां से चला गया…….
 मैं बहुत खुश था और उधर कोलकाता मे मैने अंडर 16 ग्रूप मे 2 गोल्ड मेडेल और 1 सिल्वर मेडल क साथ चॅंपियन्षिप जीती. जब मैं वापस लौट क आया तो मैं सब से पहले उस से ही मिलना चाहता था और मैं सीधा स्कूल पहुच गया. उस से मिला और खूब सारी बातें हुए. उसके बाद टूशन क टाइम डेली मिलना और खूब मस्ती करना हमारा शेड्यूल बन गया… ह्म डेली ऐसा करते.. लाइफ बहुत सही कट रही थी… तभी ही अचानक मेरा एक्सीडेंट हो गया और मैं बहुत बुरी तरह घायल हो गया. उस आक्सिडेंट की वजह से मैं 10 महीने क लिए हॉस्पिटलाइज़्ड हो गया. और उन 10 महीनो मे मैं बैठ भी नहीं पाता था सिर्फ़ लेटा रहता था. इन 10 महीनो मे ह्म सिर्फ़ फोन पर बात करते थे और वो 1 बार मुझसे मिलने मेरे घर आई तब मैने उसे अपने पेरेंट्स से मिलवाया.
वो बहुत रो रही थी. मुझे बहुत बुरा लग रहा था. धीरे धीरे ये 10 महीने भी गुज़र गये और मैं ठीक हो गया. लेकिन इस आक्सिडेंट की वजह से मेरा पूरा चेहरा बिगड़ गया. तब मैं उस से मिलने उसके टूशन गया जहा मुझे देख क वो बहुत खुश हो गई. और ह्म लोग पहले की तरह फिर से रहने लगे. उसके बाद हमारी बोर्ड एग्ज़ॅम आ गई और ह्म पढ़ाई मे लग गये. एग्ज़ॅम ओवर होने क बाद ना स्कूल था ना टूशन तो मिलना बहुत मुश्किल हो गया और मैं हमेशा उसके मोहल्ले मे जाता था इस वजह से वहां क लोगो ने मुझे धमकाना स्टार्ट कर दिया और जब मैं अगली बार गया तो मुझे बहुत मारा.और वो वही खड़ी खड़ी रो रही थी. बट मैं हंस रहा थे ये सोच कर कि अगर मैने उसे शो किया कि मुझे ज्यादा मार पड़ी है तो उसे बहुत बुरा लगेगा. उसके बाद हुमारा रिज़ल्ट आया और मुझे 87% मार्क्स आए जिस वजह से मेरा एडमिशन जमशेदपुर मे हो गया पर उसके पेरेंट्स ने उसे आने नहीं दिया तो सिर्फ़ मैं जमशेदपुर आ गया और वो वही रह गई.. ह्म रोज़ फोन प्र बात करते थे. रोज़ कम से कम चार से पांच घंटे और ऐसे ही लाइफ गुज़र रही थी कि अचानक……
उसका फोन वेटिंग आना स्टार्ट हो गया, और बहुत देर देर तक बिज़ी रहने लगा उसका फोन और कारण पूछने पर बोलती कि कॉलेज की फ्रेंड से बात कर रही थी…. ऐसा 2-3 महीने तक चला उसके बाद मैने उस से मिलने का प्लान किया और मैं घर आ गया. और उसे बिना बताए उसके कॉलेज चला गया जहा मैने उसे 1 ऋषि नाम क लड़के क साथ किस करते हुए देखा. बट मैने कुछ नहीं कहा और मैं वहां से वापस आ गया . मैं बहुत रो रहा था और मुझे बहुत बुरा लग रहा था वो सीन याद कर कर के . तब शाम को मैने उसे फोन किया और बहुत प्यार से बात किया. उसे पता भी नहीं चलने दिया कि मैने उसे आज देखा है….. बट बात करते करते मैं अचानक बहुत ज़ोर से रोने लगा तब उसने पूछा कि क्या हुआ क्यू रो रहे हो….. कि मैने उसे पूरी बात बताई. तब तो उसने कुछ नई कहा बस चुप हो क फोन डिसकनेक्ट कर दिया.
अगले दिन फिर मैं कॉलेज गया और उस से मिला तो वो मेरे उपर चिल्लाने लगी ओर बोली कि तूने अपना चेहरा देखा है कभी, तुम्हे क्या लगता है कि मैं तेरे जैसे लड़के से प्यार करूँगी?? अपने औकात मे रह क लड़की पटानी चाहिए ….और बहुत कुछ बोली…. और मैं चुप चाप गर्दन झुका क रो रहा था…. और यही सोच रहा था कि यार क्या प्यार का मतलब् यही होता है? और अगर ये होता है तो मैं कभी किसी लड़की से प्यार नई करूँगा…. और मैने उसके सिर पर हाथ रखा और कहा कि सुनीता मैने हमेशा तुमसे प्यार किया है और हमेशा करता रहूँगा… तुम जहाँ भी और जिसके भी साथ रहो, हमेशा खुश रहना…. और वहां से चला आया…..
और उस दिन को बीते हुए 4 साल हो गये है लेकिन मैं आज भी उस से उतना ही प्यार करता हू और मेरे लाइफ मे कोई लड़की नहीं है….. और लास्ट मे बस इतना ही कहूँगा कि ”तेरे जाने का असर कुछ ऐसा हुआ मुझ पर, कि तुझे ढूंढते ढूंढते मैने खुद को खो दिया”…….. स्टिल लव यू सुनीता…….

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