Wednesday, 17 June 2015

जो अक्श वो तुम्हारा ही है!

मेरी आँखों मैं झाँक रहा है...
जो वो दर्द मेरा नही,तुम्हारा ही है!
ये ऑंखें तो आइना है...
दिख रहा है जो अक्श वो तुम्हारा ही है!

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