एक इशारा तो किया होता ,कब मैं तुमसे दूर थी
तुमने हाथ तभी माँगा जब हो चुकी मजबूर थी
वर्षों किया इंतजार मैंने पर तू पल भर भी न ठहर
सका पूरा किया वो काम जो न कर कभी
जहर सका सब कुछ भुला दिया इस कदर
की ना मेरा नाम याद रखा मैं बेवफा हूँ
ये इल्जाम याद रखा कभी तो लौट के
आओगे जाने क्यों ये भरोसा था
प्यार का तूफ़ान समझा जिसे वो
तो बस एक चाहत का झोकां था
प्यार नहीं एहसान सही ,थोड़ी दया दिखाने आ जाते
अभी भी छुपे हैं दिल में अरमान कई ,
एक ठोकर लगाने आ जाते
तुमने हाथ तभी माँगा जब हो चुकी मजबूर थी
वर्षों किया इंतजार मैंने पर तू पल भर भी न ठहर
सका पूरा किया वो काम जो न कर कभी
जहर सका सब कुछ भुला दिया इस कदर
की ना मेरा नाम याद रखा मैं बेवफा हूँ
ये इल्जाम याद रखा कभी तो लौट के
आओगे जाने क्यों ये भरोसा था
प्यार का तूफ़ान समझा जिसे वो
तो बस एक चाहत का झोकां था
प्यार नहीं एहसान सही ,थोड़ी दया दिखाने आ जाते
अभी भी छुपे हैं दिल में अरमान कई ,
एक ठोकर लगाने आ जाते
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