Thursday, 11 June 2015

खिलखीलाती रहेगी ये फुलो की डाली।

बगीया मे आइ एक नन्ही परी
खिलखीलाती रहेगी ये फुलो की डाली।
 कभी रो कर कभी हँस कर
हँसाती रहेगी ये लाली।

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