कुछ मज़ा तो आ जाता जीने मे
अगर सोडा नमकीन भी साथ् होती दारु पीने मे
राज मै अपने सारे खोल देता
कोई बोले उससे पहले दूसरी बोतल खोल देता
बोतल पे बोतल खाली हो जाती
सुबह कबाडी वाले की चान्दी हो जाती
पर सब सपने चकनाचूर हुये
एक पैग लेकर ही बस दूर हुये
मज़ा ही नही आया कुछ यारो
आगे से नमकीन सोडा तो पहुचा देना यारो।
अगर सोडा नमकीन भी साथ् होती दारु पीने मे
राज मै अपने सारे खोल देता
कोई बोले उससे पहले दूसरी बोतल खोल देता
बोतल पे बोतल खाली हो जाती
सुबह कबाडी वाले की चान्दी हो जाती
पर सब सपने चकनाचूर हुये
एक पैग लेकर ही बस दूर हुये
मज़ा ही नही आया कुछ यारो
आगे से नमकीन सोडा तो पहुचा देना यारो।
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