Friday, 29 May 2015

अलग अलग रंग से रंगाया हूवा युवक आकर बैठ गया.

एक बुढा आडमी एक मॉलमें बेंचपर बैठा था. इतनेमें वहा एक अपने बाल अलग अलग रंग से रंगाया हूवा युवक आकर बैठ गया. उस युवकके बाल कही पिले, कही हरे तो कही गुलाबी रंगसे रंगाये हूवे थे. उसके आंखोके आसपासभी काला रंग लगाया हूवा था. वह बुढा आदमी एक टक उस युवक की तरफ देख रहा था. उस बुढे को अपनी तरफ एकटक देखता देखकर उस युवकने गुस्सेसे कहा, '' ऐसे क्या देख रहा है बुढ्ढे, कभी अपनी जवानीमें तुने ऐसी मस्ती नही की थी क्या?''
उस बुढे आदमीने जवाब दिया, '' की थी ना ...जब मै जवान था तब एक बार मै बहुत पिया था.. वैसी हालतमें मुझे एक तोता मिल गया... मुझे उस तोतेसे इश्क होगया था, और फिर बहुत कुछ होगया ... मै सोच रहा था कही तुम उस तोतेका और मेरा लडका तो नही हो''

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