Sunday, 24 May 2015

तुम एक देश नहीं, भारत !

तुम एक देश नहीं, भारत !
तुम सृष्टि हो
तुम हिमालय हो
सम्पूर्ण पुरुष हो
या सम्पूर्ण स्त्री के अवतार ।
तुम ब्रह्मविद्या हो
शिव हो आदिशक्ति हो
तुम नारियों के स्रोत हो
सन्दर्भ हो ।
तुम अज्ञात हो तुम ओम हो
तुम मौन हो तुम शून्य हो
 इसलिए ही तुम सम्पूर्ण हो ।
 हिन्द हमें गर्व है
हम तुम में हैं और तुम हम में ।

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