Wednesday, 27 May 2015

तुम्हें मैं प्यार करती हूँ यही तो है मेरी पूजा

जो तुम मेरी तरफ देखो तो चलती है मेरी धड़कन
ज़रा भी दूर रहते हो तो आँखों से झरे सावन
तुम्हें मैं प्यार करती हूँ यही तो है मेरी पूजा
तुम्हारा नाम तो मेरे लिए गंगा सा है पावन
दिया बनकर हमारे सामने संझा को आ जाओ
मुझे तुलसी बनाकर तुम लगा लेना सजन आंगन
मैं उड़ती फिर रही तबसे सजन जबसे बंधी तुमसे
बता दे माहिया मेरे ये कैसा प्यारा है बंधन
सुनो इक बात है कहनी बड़ी छोटी सी है अर्ज़ी
गले से तुम लगा लो बस मेरा इतना सा तो है मन

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