जो तुम मेरी तरफ देखो तो चलती है मेरी धड़कन
ज़रा भी दूर रहते हो तो आँखों से झरे सावन
तुम्हें मैं प्यार करती हूँ यही तो है मेरी पूजा
तुम्हारा नाम तो मेरे लिए गंगा सा है पावन
दिया बनकर हमारे सामने संझा को आ जाओ
मुझे तुलसी बनाकर तुम लगा लेना सजन आंगन
मैं उड़ती फिर रही तबसे सजन जबसे बंधी तुमसे
बता दे माहिया मेरे ये कैसा प्यारा है बंधन
सुनो इक बात है कहनी बड़ी छोटी सी है अर्ज़ी
गले से तुम लगा लो बस मेरा इतना सा तो है मन
ज़रा भी दूर रहते हो तो आँखों से झरे सावन
तुम्हें मैं प्यार करती हूँ यही तो है मेरी पूजा
तुम्हारा नाम तो मेरे लिए गंगा सा है पावन
दिया बनकर हमारे सामने संझा को आ जाओ
मुझे तुलसी बनाकर तुम लगा लेना सजन आंगन
मैं उड़ती फिर रही तबसे सजन जबसे बंधी तुमसे
बता दे माहिया मेरे ये कैसा प्यारा है बंधन
सुनो इक बात है कहनी बड़ी छोटी सी है अर्ज़ी
गले से तुम लगा लो बस मेरा इतना सा तो है मन
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