Tuesday, 19 May 2015

आज फिर मुस्कुराने का दिल कर रहा है

आज फिर मुस्कुराने का दिल कर रहा है 
आज फिर बहक जाने को मन कर रहा है 
खोए थे जिस अंधेरे में हम 
फिर उसे रोशन करने का दिल कर रहा है
सूख चुकी थी जो कलियाँ मन की फिर
से उन्हें बारिश में भिगोने को दिल मचल रहा है 
रुक हुई ज़िन्दगी को आज 
उसे हवा में बहा ले जाने का दिल कर रहा है 
दूर थी जो खुशियाँ खुद से आज फिर 
उन्हें पाने का दिल कर रहा है फिर से जीने का दिल कर रहा है 
आज फिर मुस्कुराने का दिल कर रहा है...

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