गर्मी की कड़ी धूप में
पुरवाई सा
माँ लगता था
तेरा प्यार
तेरी यादो से भरा
मेरा मन उल्लासित
होता बारम्बार
माँ ऐसा था
तेरा प्यार
आज नहीं तू
मेरे पास
पर सपनो में आके बंधाती आस
जब भी आँखे
मुंदती है
तस्वीर तेरी ही
दिखती है
अब कौन करेगा
माँ तेरे जैसा प्यार
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