संता – यार एक औरत रोज मुझे देख कर खिड़की से रूमाल हिलाती है ,,
पर कभी खिड़की नहीं खोलती ,,
बंता – ओये खोतया , गौर से देख वो औरत काम वाली बाई है ,
खिड़की के शीशे साफ़ कर रही है कपडे से,, :) :)
पर कभी खिड़की नहीं खोलती ,,
बंता – ओये खोतया , गौर से देख वो औरत काम वाली बाई है ,
खिड़की के शीशे साफ़ कर रही है कपडे से,, :) :)
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