Sunday, 3 May 2015

औरत रोज मुझे देख कर खिड़की से रूमाल हिलाती है

संता – यार एक औरत रोज मुझे देख कर खिड़की से रूमाल हिलाती है ,,
पर कभी खिड़की नहीं खोलती ,,
बंता – ओये खोतया , गौर से देख वो औरत काम वाली बाई है ,
खिड़की के शीशे साफ़ कर रही है कपडे से,, :) :)

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