Tuesday, 21 July 2015

क्या हिंदू लड़का किसी मुस्लिम लड़की से प्यार नही कर सकता क्या?

मेरा नाम मनीष हैं, मैं आपको अपनी लव स्टोरी बताने से पहले एक सवाल पूछना चाहता हूँ कि क्या कोई हिंदू लड़का किसी मुस्लिम लड़की से प्यार नही कर सकता क्या?
मैं पहले कंप्यूटर क्लासेज जाया करता था वहां मेरी एक लड़की जिसका नाम “आबिदा” था उससे मुलाकात हो गयी वो भी कंप्यूटर क्लास आया करती थी और वो मुस्लिम थी और मैं हिंदू लेकिन बिना किसी भेद-भाव के मैने उससे दोस्ती कर ली और हम दोनो अच्छे फ्रेंड बन गये और एक दूसरे की केयर भी करने लगे,
टाइम बीतता गया और हम एक दूसरे को पसंद करने लगे, फिर पहले मैने एक दिन उसे अपने दिल की बात बताई और पता चला कि वो भी मुझसे प्यार करने लगी थी आज हमारे रिलेशन्षिप को करीब 5 साल हो चुके हैं और मैं एम बी ए कंप्लीट कर चुका हूँ, हम दोनो (मैं और आबिदा) अलग-अलग रिलिजन के हैं तो प्रॉब्लम्स तो आनी ही थी हमें ये पता था लेकिन फिर भी हमने अपना फ़ैसला कभी नही बदला क्यूंकि ना मैं उसके बिना रह सकता हू और ना वो मेरे बिना रह सकती है.
मेरे घर वालो को ये रिलेशन्षिप कभी मंजूर नही होगा ये बात मुझे पता हैं इसलिए मैने अभी तक अपने घर वालो को ये बात नहीं बताई और आबिदा के घर वालो को भी हमारे रिलेशन्षिप के बारे में नहीं पता था. हम दोनो को ये पता है कि हमारे घर वाले कभी एक नही हो सकते फिर भी हमने कभी भी ऐसे कोई कोशिश नही की जिससे उन लोगो को हर्ट हो, बहुत से कपल ऐसे कंडीशन में घर से भाग जाते हैं लेकिन हमारा प्यार इतना कमजोर नही कि ऐसी हरकतें कर के अपने प्यार को छोटा साबित करे, वैसे तो हम दोनो को दुनिया से कोई मतलब नही है लेकिन अपने घर वालों से भी हमें प्यार है उनके मान-सम्मान की भी कदर है इसले कभी भी ऐसे हरकत नही की.
लेकिन एक दिन उसके घर वालो को हमारे इस रिलेशन्षिप के बारे में पता चल ही गया और उन्होने मुझे अपने घर बुलाया और दोनो (मुझे और आबिदा) को खूब डांटा और ना मिलने को कहा, उसी दिन मेरा एम बी ए का एग्ज़ॅम भी था फिर भी मैने ज़्यादा इंपॉर्टेन्स उसके घरवालो को दी. उस दिन आबिदा खूब रोई और मेरे आँखों में भी आंसू अपने आप बहने लगे हम दोनो बहुत हेल्पलेस सा महसूस कर रहे थे. मैं चाह कर भी उसके आंसू पोछ नही पाया बहुत बुरा लगा.
मुझे वो प्रॉमिस जो मैने उससे किया था की मैं तुम्हें हमेशा खुश रखूँगा चाहे कुछ भी हो जाए जैसे मानो टूट सा गया हो. वो मेरे लाइफ का सबसे बुरा दिन था, उस दिन के बाद जब हम मिले तो उसे देख कर मेरी आँखो से पता नहीं क्यूँ आँसू झलकने लगे और उसे देख कर बहुत प्यार आया, दया भी, फिर मैने उसे ज़ोर से गले लगा लिया और उसके हाथ चूमने लगा और उससे हाथ जोड़ कर माफी माँगने लगा के आबिदा मुझे प्लीज़ माफ़ कर दो उस दिन चाह कर भी मैं तुम्हें संभाल नही सका, इतने मैं वो भी रोने लगी और मैने उसे फिर गले लगा लिया,
हम दोनो एक दूसरे से इतना प्यार करते थे कि जब मेरे एम बी ए के एग्ज़ॅम चलते थे वो भी मेरे साथ रात रात तक जगा करती थी और बोला करती थी कि जब तुम जाग सकते हो तो फिर तुम्हारे लिए मैं भी जाग सकती हूँ. यहा तक कि हम दोनो हर वो काम एक जैसा करते थे जो एक कामन कपल्स नही कर सकते थे जैसे कि मैं अगर ब्लू कपड़े पहनता तो वो भी उस दिन कुछ ना कुछ ब्लू पहना करती थी माना ये रील लाइफ में देखने को मिलता हैं लेकिन ये मेरे रियल लाइफ में है. कभी-कभी मुझे लगता था कि मैं उसे ज़्यादा प्यार करता हू लेकिन वो कुछ ना कुछ ऐसा कर देती थी जिससे हमेशा उसका प्यार उपर रहा, मैं बहुत प्राउड फील करता हूँ कि इस लाइफ में मुझसे किसी ने इतना प्यार किया जिससे मैं खुद भी प्यार करता हूँ,
लेकिन भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था क्यूंकि कुछ महीनो बाद ही उसके घर वाले अचानक ना जाने कही और शिफ्ट हो गये. शायद हमारे रिलेशन्षिप की वजह से ही. आज करीब 2 साल हो चुके हैं. ना मैं आबिदा से मिल पाया हू ना बात कर पाया हूँ, मैं उससे पहले भी इतना ही प्यार करता था जितना आज करता हू और हमेशा करता रहूँगा बस भगवान से हमेशा प्रार्थना करता रहूँगा कि आबिदा जहाँ भी रहे खुश रहे, उसके याद तो बहुत आती हैं लेकिन फिर उसकी यादो के सहारे अपने को संभाल लेता हूँ.
 माना बहुत मुश्किल हैं लेकिन इस सहारे जीता हूँ कि माना आज मेरी आबिदा मेरी साथ नही हैं लेकिन इस दुनिया में हम दोनो एक साथ ,एक दूसरे को याद करते हुए साँसें ले रहे हैं. आई लव यू आबिदा, लव यू टिल माई एंड …

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