Thursday, 9 July 2015

आप तो तन्हाही दूर कर सकते है

एक शिकायत हें आप से !
“अक्सर लोग शिकायत करते हें , न जाने उन्हें क्या लगता है
अक्सर तन्हाही में रहता हु पर , आप तो तन्हाही दूर कर सकते है
माना की मै बतियाता नहीं पर , आप तो बतिया सकते है
अक्सर लोग शिकायत करते हें , न जाने उन्हें क्या लगता है
समंदर पानी से भरा होता , पर बारिश तो वहा भि होती है
माना की मै कमजोर हु , पर आप तो बलवान है
हों सकता में पीछे हु , पर आप तो साथ चल सकते है
अक्सर लोग शिकायत करते हें , न जाने उन्हें क्या लगता है
अक्सर सिदांतों पर रहता हु , पर चाहने वाले अवहेलना करते है
अक्सर लोग शिकायत करते हें , न जाने उन्हें क्या लगता है
जब भि शिकायत करते हें माँ, से तो आंखे भर आती है
अक्सर लोग शिकायत करते हें , न जाने उन्हें क्या लगता है ………….

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