Friday, 10 July 2015

रेशमी बालों की छाव में आकर मुसाफिर खुद बहकता हें

नजारा लोग करते हें इशरा हम नहीं करते
वो दर्पण देखर जुल्फे सवारा हम नहीं करते……1
हमारी पायलों की झनकार को सुनकर मुसाफिर खुद
भटकते हें इशरा हम नहीं करते…..1
मुसाफिर खुद चले आये इशरा हम नहीं करते !
हमारी रेशमी बालों की छाव में आकर मुसाफिर खुद
बहकता हें इशरा हम नहीं करते……………………
नजारा लोग करते हें इशरा हम नहीं करते वो दर्पण
देखर जुल्फे सवारा हम नहीं करते नजारा लोग करते हें
इशरा हम नहीं करते……1
वो दर्पण देखर जुल्फे सवारा हम नहीं करते…….

No comments:

Post a Comment