Wednesday, 8 July 2015

में भी तेरा दीवाना हू ,बस यही बात बताने आया हू

में तेरे शहर में आया हू , खुद की महफ़िल सजाने आया हू
तेरे इश्क की इस आंधी में ,खुद को फिर मिटाने आया हू . 

 में भी तेरा दीवाना हू ,बस यही बात बताने आया हू 
तेरे इश्क की मासूमियत में ,खुद को फिर लुटाने आया हू . 

 मैं भी कितना बांवरा हू ,यह तुझे जताने आया हू
 तेरे इश्क के शहर में ,खुद की प्यास बुझाने आया हू .

 तुम मेरी हो – तुम मेरी हो ,बस यही तुम्हें कहने आया हू
 तेरे इश्क के शहर में ,खुद की महफ़िल सजाने आया हू.

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