Monday, 6 July 2015

मै आज का इन्सान हू

मै आज का इन्सान हू
मै सभ्य हू समझदार हू
मै बहुत ईमानदार हू
पर जब जोखिम कम हो लाभ
अधिक तो मै बेईमानी के भी साथ हूं
मैं आज………..
वैसे तो मेरी जहन मे भाईचारा बसता हैं
काबिल हर इन्सान का सम्मान नजर मे रहता हैं
पर जब हो बात नोकरी धन की
मै अपनो का ख्याल ही रखता हूं
मैं………
मुबारकबाद मै देता हूं कोई आगे जो बढ जाए होती हैं
बहुत खुशी मुझको जब कोइ मंजिल पाता हैं
वो इतना आगे न बढ जाए की हम ही न उसे नजर आए
इसलिए मै थोड़ा थोड़ा ईस्या का कर्म भी करता हूं
मैं……….
मै यातायात के हर नीयम बखूबी निभाता हूं
होते ही लाल बत्ती मै तुरन्त रूक जाता हूं
हो न जाए चूक कोई मै हर पल चौकस रहता हूं
क्योकी मैं ट्राफिक के चालानो से डरता हूं
मैं……..
मै हर बुराई से बचता हूं मैं पल पल सम्भल कर रहता हूं
 हर लड़की है बहन जैसी हर औरत को मॉ मै समझता हूं
किसी पराई नार पर बुरी नजर नही रखता हूं
क्योकी मैं कानून के बेरहम डन्डे से डरता हूं
मैं….

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