एक खौफजदा दौर में
तुम खड़े थे
तुम्हारे आस पास विचारो से पस्त
डरे सहमे लोगो का हुजूम था
तब तुम ग्रेट डिक्टेटर बन आ खड़े होते हो
उनके बीच और ललकारते हो
दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह को और
मुर्दा खामोशी को हटा कर बीखेर देते हो
हसी वो हसी जहाँ से हर हसी हस्ती चली आ रही है
काश वो हसी चली आती हमारे दवार जहाँ
हम हँसते हँसते घर के हिटलर को तुम्हारी
तरह सबक सिखा सकते और अंत
कर सकते उनकी डिक्टेटरशिप का
तुम्हारे आस पास विचारो से पस्त
डरे सहमे लोगो का हुजूम था
तब तुम ग्रेट डिक्टेटर बन आ खड़े होते हो
उनके बीच और ललकारते हो
दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह को और
मुर्दा खामोशी को हटा कर बीखेर देते हो
हसी वो हसी जहाँ से हर हसी हस्ती चली आ रही है
काश वो हसी चली आती हमारे दवार जहाँ
हम हँसते हँसते घर के हिटलर को तुम्हारी
तरह सबक सिखा सकते और अंत
कर सकते उनकी डिक्टेटरशिप का
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