हीर पैदल जा रही थी एक लडका आवाज
देता है-----------
ऐ दिवानी पीछे मुड के देख
तेरा दुपट्टा जमीन से
घिसा जा रहा है। हीर ने
जवाब दिया----------
ऐ दिवाने तू क्या जाने,
ये भी अपना फर्ज निभा रहा है,
कोई चूम न ले मेरे कदमों की मिट्टी को
*राँझे* के सिवा,
इस लिये ये निशान मिटा रहा है।
देता है-----------
ऐ दिवानी पीछे मुड के देख
तेरा दुपट्टा जमीन से
घिसा जा रहा है। हीर ने
जवाब दिया----------
ऐ दिवाने तू क्या जाने,
ये भी अपना फर्ज निभा रहा है,
कोई चूम न ले मेरे कदमों की मिट्टी को
*राँझे* के सिवा,
इस लिये ये निशान मिटा रहा है।
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